Zero or aryabhatta


 0 का अविष्कार



एक मजेदार लेख !

 आज ये भी एक बात पर खूब चर्चा होती नजर आती है कि आर्य भट ने जीरो की खोज की थी आये देखते है क्या सत्य 
है ?

आर्य  भट  के  जन्म  की  तारीख  और   कहा  पैदाइश होइ  
में मत - भेद  है  ।  कमाल  है   जिस   व्यक्ति  ने " 0 "  खोज की  उनकी  जन्म  तारीख  पता  नही  है । 

*  बरहाल  कोई  मसला  नही  परंतु  कुछ  पुस्तको  से  पता  चलता  है  कि  उनका  जन्म  476  ई . व  में   और मृत्यु  550  ई . व  में  हुआ । लोगो  का  ये  भी  कहना  है  की  वह  गणितज्ञ  और  खगोलशस्त्री  थे ।

*  परन्तु  मेरी  राय  इस  बारे  में  कुछ  और  है ।  बरहाल कोई  मसला नही  है ।

* अब  देखते  है , की  " 0 "खोज  का  सत्य  !

*  महाभारत  के  अनुसार  धृराष्ट्री  की  10 पत्नीया  थी  और  उनसे  101 संतान थी   101  नंबर   की  बेेटी  हुई  थी ।

*  महाभारत  से  हिसाब  से  विवाह  के  बाद   श्री  कृष्ण  जी  12  वर्ष   तक  बाम्हचारी   रहे  थे  ।  यानी  12  साल  तक  अपनी  पत्नी  के  साथ  शारीरक 
संबंध  नही   बनाया  था  ।   

*  वाल्मीकि  रामायण  और  रामचरित  मानस  के  अनुसार  राम जी ने   14  वर्ष   तक  वनवास  किया  था  ।

*  अब  थोड़ा   वेदों   के  ऊपर  भी  नजर  डालते  है ।

*  अर्थात :- सौ ( 100 ) सहस्र , दस
 ( 1,0000 ) सहस्र , दस  करोड़  , बे  गिनती  ...........  !
 (अथर्वेद 10 : 8 : 24 )

*  अर्थात :- 


 1  * 10  =  10

10 * 10 =  100

100 * 10 =  1000

1000 * 10 =  10000

10000 * 10 = 100000

100000 * 10 =  1000000


इसी तरह  पूरी  गिनती  बताई  गई  है । 
( यजुर्वेद 17 : 2 )

*  " एक शतम " =  101
 (  ऋग्वेद 10:130:1)

*  " शतम "  =  100 
( यजुर्वेद 14 : 25 , 29 )

*  " एकादश " = 11

*  "  सहस्रम " =  1,000

*   "  अयुतम " =  1,000,0

*  "  नियुतम " =  1  लाख

*  "  प्रयुतम  " =  10 लाख

*  " अर्बुदम " = 10 करोड़

*  " न्यूर्बुद्म "  = 1  अरब 

*  ऐसा  कही  जगहों  पर  आया है , वेदों में !

 *  इसी  तरह   अथर्वेद (  8  :  2  :  21  )

* अर्थात  :-   हे  बड़े  दानी  परमात्मन ! हमारी  इच्छा  पूर्ति  के  लिए  एक और दस( ग्यारह ) दो  और बीस ( बाईस )  औऱ  तीन  और तीस ( तैतीस )  विशेष  योजनाओं के  साथ  तू  ले  चलता  है ।  हे  सर्वव्यापक  ईश्वर  उनको  यहा   विशेष   करके  छोड़ दें ।

*  इस  मंत्र  में  गणित  विद्या  संकलन है ।

*   1 + 10  =  11  .

*   2 + 20  =  22 .

*   3  +  30 =  33  .


इस  मंत्र  में  बृह्मचर्य  सेवन  करने का  तरीका बात है ।

*  24  वर्ष

*  44  वर्ष

*  48  वर्ष

*  इसी  तरीके  से  इन  मंत्रों  में  भी  बताया  गया  है  ।

* ( यजुर्वेद 6 : 32 )

* ( यजुर्वेद  7 : 47 )

* ( यजुर्वेद 8 : 1 )

* ( यजुर्वेद 4 : 20 , 21 ) इत्यादि ।

NOTE  : -  और  कहते  है  कि  आर्य भट  जी  ने  " 0 "  खोज  की ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9   इस  पहले  संख्या  आगे नही  बढ़ती  थी ।  

*  तो  मेरा  प्रशन  ये  है ? की  ऊपर  जो  लिखा  शायद  आर्य  भट  जी  के   बाद  वेदास  आये   होंगे । 

*  जो  कि  इन  लोगो  का  कहना  है  ।

*  विलियन  साहब  और  मैक्स मुलर  साहब  
इत्यादि ।  की  वेद  2400 साल , 3000 साल ,  3100  साल  ही  पूराना  है  ।  हा  में  भी  इस   बात  यकीन  रखती  हूं  ।

*  या  तो  एक  बात  है  कि  वेदों  से  पहले  आर्य  भट  ने  " 0 "  खोज  की  या  उन्होंने ने  की ही  नही  ये  सब  झूटी  बाते  प्रतीत  होति  है  ।

*  बरहाल  समझदारों  के लिए  इशारा  काफी  होता  है  ।

*  इसका  का  फैसला में  आप  लोगो  के उपर  छोड़ देती
 हु  ? 



धन्यवाद


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